जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham)
यहां UGC NET Political Science परीक्षा के लिए जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं
बेंथम का जीवन और कार्य
- जन्म – 15 फरवरी 1748, लंदन।
- मृत्यु – 6 जून 1832।
- उपाधि – उपयोगितावाद (Utilitarianism) के संस्थापक।
- उनकी प्रमुख रचनाएँ:
- An Introduction to the Principles of Morals and Legislation (1789) – नैतिकता और कानून पर आधारित।
- A Fragment on Government (1776) – संवैधानिक सरकार की व्याख्या।
- Constitutional Code (1830) – लोकतंत्र और राजनीतिक सुधारों पर कार्य।
- The Rationale of Punishment (1830) – दंड सिद्धांत की व्याख्या।
उपयोगितावाद (Utilitarianism) की अवधारणा
- बेंथम ने "सर्वाधिक लोगों के लिए अधिकतम सुख" (Greatest Happiness of the Greatest Number) को नैतिक और राजनीतिक निर्णय लेने का आधार माना
- उन्होंने कहा कि मनुष्य का प्रत्येक कार्य सुख (Pleasure) प्राप्त करने और पीड़ा (Pain) से बचने के लिए होता है।
- उनके अनुसार, "प्राकृतिक अधिकार केवल कल्पना हैं और किसी कानूनी अधिकार के बिना उनका कोई अस्तित्व नहीं"
- बेंथम ने सुख को गणितीय रूप से मापने की कोशिश की, जिसे "फेलिसिफिक कैलकुलस" (Felicific Calculus) कहा जाता है
न्याय, कानून और राज्य पर विचार
- बेंथम ने कानून को "संप्रभु (Sovereign) का आदेश" बताया और कहा कि सभी कानूनों का उद्देश्य अधिकतम लोगों के लिए अधिकतम सुख होना चाहिए
- उन्होंने कानूनी सुधार (Legal Reforms) का समर्थन किया और न्यायपालिका को सरल बनाने की वकालत की।
- उन्होंने "अधिनायकवादी सरकार" (Despotic Government) का विरोध किया और लोकतांत्रिक सुधारों को बढ़ावा दिया
- बेंथम ने कहा कि सरकार का कार्य सार्वजनिक भलाई (Public Good) सुनिश्चित करना है।
स्वतंत्रता, अधिकार और लोकतंत्र पर विचार
- स्वतंत्रता (Liberty) का अर्थ बाधाओं की अनुपस्थिति है – बेंथम
- उन्होंने सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Suffrage) का समर्थन किया, लेकिन इसे शिक्षा पर आधारित बनाने की वकालत की
- बेंथम ने गुप्त मतदान (Secret Ballot), वार्षिक चुनाव (Annual Elections), और समान निर्वाचन क्षेत्र (Equal Electoral Districts) का समर्थन किया
- उन्होंने मोनार्की और हाउस ऑफ लॉर्ड्स को समाप्त करने की वकालत की और प्रतिनिधित्व आधारित लोकतंत्र (Representative Democracy) को बढ़ावा दिया
अर्थव्यवस्था और कल्याणकारी राज्य (Welfare State) पर विचार
- बेंथम ने करों (Taxes) के माध्यम से संपत्ति के पुनर्वितरण (Redistribution of Wealth) का समर्थन किया ताकि गरीबों की सुरक्षा सुनिश्चित हो
- उन्होंने अशिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकारी हस्तक्षेप (State Intervention) की वकालत की
- बेंथम ने गरीबों के लिए कार्यशालाओं (Workhouses), अस्पतालों (Hospitals), और सार्वजनिक शिक्षा (Public Education) को आवश्यक बताया
- उन्होंने मूल्य नियंत्रण (Price Controls) और न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) के विचारों का समर्थन किया।
दंड और अपराध पर विचार
- बेंथम ने दंड (Punishment) को निवारक (Deterrent) और सुधारात्मक (Reformative) बनाने की बात कही
- उन्होंने कारागार प्रणाली में सुधार का सुझाव दिया और "पैनऑप्टिकॉन (Panopticon)" नामक जेल प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जिसमें कैदियों पर निरंतर निगरानी रखी जा सके
- उन्होंने कहा कि अपराध और दंड को तर्कसंगत और न्यायसंगत होना चाहिए।
बेंथम की आलोचना
- जे.एस. मिल (J.S. Mill) ने उनकी उपयोगितावादी विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा कि सभी सुख समान नहीं होते – कुछ उच्च और कुछ निम्न होते हैं।
- कार्ल मार्क्स (Karl Marx) ने बेंथम की विचारधारा को पूंजीवादी समाज का नैतिक औचित्य ठहराने वाला बताया।
- संपत्ति पर उनके विचारों को समाजवादियों ने अपर्याप्त माना, क्योंकि उन्होंने निजी संपत्ति को पूरी तरह समाप्त करने का समर्थन नहीं किया।
निष्कर्ष
- बेंथम को आधुनिक उपयोगितावाद (Modern Utilitarianism) का संस्थापक माना जाता है।
- उन्होंने कानूनी सुधार, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व, और सार्वजनिक कल्याण के लिए मजबूत तर्क प्रस्तुत किए।
- उनकी विचारधारा ने ब्रिटिश राजनीति, संविधानवाद और न्यायशास्त्र (Jurisprudence) को गहराई से प्रभावित किया।
UGC NET परीक्षा के लिए यह बेंथम के महत्वपूर्ण तथ्यों की विस्तृत सूची है, जो उनके राजनीतिक विचारों के सभी प्रमुख पहलुओं को कवर करती है। ✅
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